उत्तराखंड में ट्राउट पालन
ट्राउट मछली ठंडे और स्वच्छ जल में पाई जाने वाली उच्च मूल्य की प्रजाति है, जो विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। राज्य के गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडलों में बहने वाली हिमालयी नदियाँ, गदेरे तथा शीत जल स्रोत ट्राउट पालन के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।
रोजगार एवं आय की संभावनाएँ
ट्राउट पालन से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलता है। एक छोटे स्तर के यूनिट से भी प्रतिवर्ष ₹2 से ₹5 लाख तक की आमदनी संभव है। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को पलायन से रोकने में सहायता मिलती है।
₹2 से ₹5 लाखएक छोटे स्तर के ट्राउट पालन यूनिट से संभावित वार्षिक आय
सरकारी सहायता
उत्तराखंड सरकार द्वारा ट्राउट हैचरी, रेसवे निर्माण, बीज एवं फीड पर अनुदान प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन राज्य मत्स्य सहकारी संघ एवं मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।
Hon'ble Chief Minister
Hon’ble Cabinet Minister, Co-operatives
Hon'ble Minister of Animal Husbandry & Fisheries