Chairman's Message
प्रिय मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों, मछुआ समुदाय एवं प्रदेशवासियों,
राज्य मत्स्य सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तराखंड के अध्यक्ष के रूप में आप सभी को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उत्तराखंड जैसे युवा एवं संभावनाओं से भरे राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। मत्स्य क्षेत्र इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है, जो ग्रामीण, पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर प्रदान कर सकता है।
संघ का निरंतर प्रयास है कि राज्य के युवाओं, मछुआरों एवं स्वयं सहायता समूहों को मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन, हैचरी संचालन, प्रसंस्करण, विपणन एवं निर्यात जैसी गतिविधियों से जोड़कर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे पैमाने पर स्वरोजगार को बढ़ावा देते हुए स्थानीय जल संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में व्यावसायिक मत्स्य पालन के माध्यम से बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
हम सहकारिता आधारित मॉडल के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लाभ सीधे उत्तराखंड के लोगों तक पहुँचे और उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं बाजार से जुड़ाव प्राप्त हो। इससे न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में पलायन की समस्या को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन, संघ की योजनाओं तथा आप सभी के सहयोग से उत्तराखंड का मत्स्य क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनेगा और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आइए, हम सभी मिलकर “रोजगारयुक्त उत्तराखंड – आत्मनिर्भर उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करें।
श्री अम्बीक सिंहअध्यक्ष
राज्य मत्स्य सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तराखंड
Hon'ble Chief Minister
Hon’ble Cabinet Minister, Co-operatives
Hon'ble Minister of Animal Husbandry & Fisheries